Combination of resistance in Hindi

Combination of resistance in Hindi (रजिस्टेंस को जोड़ना)

Combination of resistance in Hindi: दोस्तों आज के पोस्ट में हम रेजिस्टेंस के कॉम्बनेशन को हिंदी (Combination of resistance in Hindi) में जानेगे। जोकि parallel  और series में होता है ।
रजिस्टेंस का संयोजन या जोड़ना: इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के अंदर रेजिस्टेंस का इस्तेमाल बहुतायात रूप से होता है। resistance का इस्तेमाल करंट को कम करने के लिए किया जाता है। सर्किट के अंदर रेजिस्टेंस की वैल्यू को इच्छा अनुसार प्राप्त करने के लिए रजिस्टेंस को तीन प्रकार से जोड़ा जाता है। resistance की इस क्रिया को रेजिस्टेंस का संयोजन कहते हैं यानी रजिस्टेंस को जोड़ना कहते हैं।

Combination of resistance types


यह दो प्रकार से किया जाता है।

  • पहला सीरीज संयोजन (Series Combination)
  • दूसरा पेरेलल संयोजन (Parallel Combination)

 

रजिस्टेंस को जोड़ने की जरूरत क्यों पड़ती है।
रजिस्टेंस को जोड़ने से मनमुताबिक वैल्यू प्राप्त किया जा सकता है या फिर जब हमारे पास एक निश्चित वैल्यू की resistance नहीं होती है तो हम रजिस्टेंस को जोड़कर वांछित वैल्यू पा सकते हैं। सर्किट के अंदर आपको हर वैल्यू के रजिस्टेंस तरह-तरह से लगे हुए मिलते हैं। यह सर्किट के अंदर कुछ सीरीज रूप में तो कुछ पेरेलल रूप में लगे हुए होते हैं। आज इस पोस्ट में जानेंगे कि रजिस्टेंस को जोड़कर किस प्रकार से इच्छा अनुसार वैल्यू प्राप्त की जा सकती है।

सीरीज संयोजन (Series Combination)

सीरीज संयोजन के अंदर जब एक resistance के एक सिरे पर दूसरे रजिस्टेंस का एक सिरा जोड़ा जाता है और दूसरे रजिस्टेंस के सिरे (टर्मिनल पर एक और रजिस्टेंस जोड़ा जाता है तो यह सीरीज संयोजन कहलाता है। इसमें रजिस्टेंस की वैल्यू कुछ भी हो सकती है लेकिन वाट एक समान होनी चाहिए इस तरीके से सीरीज में लगी तीनों रजिस्टेंस की वैल्यू को जोड़ दिया जाता है ,तो हमें एक नई वैल्यू प्राप्त होती है।

उसको समझने के लिए नीचे दिए हुए चित्र को देखें :

Series Combination of resistance in Hindi
Series Combination

सीरीज कॉम्बिनेशन में रेसिस्टेंस का कुल योग सभी के सीधे योग के बराबर होता हैं , जोकि इस प्रकार है

RT = R1 +R2+R3

उदाहरण के लिए: हमारे पास तीन वैल्यू की रजिस्टेंस है। पहले रजिस्टेंस की वैल्यू 5 ohm है दूसरे resistance की वैल्यू 10 ओह्म है, और तीसरे रजिस्टेंस की वैल्यू 20 ओह्म है। अब अगर इन तीनो रजिस्टेंस को सीरीज में जोड़ा जाए तो इनकी नई वैल्यू क्या होगी। जैसा कि हमें पता है कि सीरीज में जुड़े सभी रेजिस्टेंस की वैल्यू को जोड़ दिया जाता है तो नहीं वैल्यू प्राप्त हो जाती है। इसके लिए इस सूत्र का इस्तेमाल किया जाता है।
रेजिस्टेंस सूत्र : RT = R1 +R2+R3
इसमें RT टोटल वैल्यू को बताती है।

इस तरह से कैलकुलेट करने पर नई वैल्यू 5+10+20=35 ohm
Series सर्किट में बहने वाले करंट की वैल्यू कैसे निकाले।

टोटल वैल्यू का इस्तेमाल सर्किट की करंट जानने के लिए किया जाता है। इसके लिए ओम का नियम इस्तेमाल होता है जो नीचे दिया जा रहा है

ओम का नियम (Ohm’s Law)– I=VT/RT
यहां

  • VT – कुल रजिस्टेंस के बीच की दी गई वोल्टेज है।
  • RT – कुल रजिस्टेंस की वैल्यू है।
  •  I – सीरीज सर्किट में बहने वाली धारा की वैल्यू है।

सीरीज सर्किट में बहने वाले करंट को जानने के लिए टोटल रेजिडेंस की वैल्यू को रेजिस्टेंस को दी जाने वाली वोल्टेज से विभाजित करते हैं तो हमें सर्किट में बहने वाले करंट का पता चल जाता है।

उदाहरण के लिए दो रजिस्टेंस R1 और R2 है। जिसमें एक की वैल्यू 5 Ohmहै और दूसरे की वैल्यू 15 Ohm है और इनको सीरीज में जोड़ा गया है। अब इसमें जोड़ी गई रजिस्टेंस की कुल वैल्यू क्या होगी ?

जैसा की ऊपर आपको बताया गया है की सीरीज में जोड़ी गई रेजिस्टेंस का मान जोड़ने पर उस सीरीज का कुल मान प्राप्त होता है। इसलिए इस सीरीज में टोटल वैल्यू होगी –
R1+R2=RT => 5+15=20 Ohm
अगर इस सर्किट में 80 वोल्ट की सप्लाई दी जाती है तो इस सीरीज सर्किट में बहने वाले करंट की वैल्यू को इस फार्मूले से निकालेंगे

ओम के नियम के अनुसार
I =V/R

यहाँ
 I = बहने वाली करंट (एम्पेयर )
V= रजिस्टेंस के बीच की दी गई वोल्टेज
R= रजिस्टेंस की वैल्यू

ओम का नियम (Ohm’s Law)- I=VT/RT
80/20=4 Ampere
तो इसप्रकार इस सीरीज में ४ एम्पेयर का करंट बाह रहा है।
इस सीरीज में करंट को अपने इच्छानुसार घटाने या बढ़ाने के लिए आपको रजिस्टेंस के मान को कम या ज्यादा करना होगा। यदि आप कम एंपियर चाहते हैं। तो आपको रजिस्टेंस की वैल्यू को बढ़ाना होगा इसी प्रकार यदि आप ज्यादा एंपियर चाहते हैं तो आपको रजिस्टेंस का मान कम करना होगा।इस प्रकार से आप रेजिस्टेंस का इस्तेमाल सर्किट में आसानी से कर सकते हैं।

समानातर संयोजन (Parallel Combination)

समानातर संयोजन के अंदर जब सभी resistances के एक सिरे को एक साथ जोड़ा जाता है और दूसरे सिरों को भी एक साथ जोड़ा जाता हैं । ऐसा करने से सभी रेसिस्टेन्स पर वोल्टेज का मान एक सामान होता हैं । तब इस संयोजन को समानातर संयोजन कहलाता है। इस संयोजन में रजिस्टेंस से बहने वाला करंट उन रेजिस्टेंस के मान पर निर्भर करता हैं ।

Parallel Combination of resistance in Hindi
Parallel Combination
 
 पैरेलल कॉम्बिनेशन में रेसिस्टेंस का कुल योग सभी के सीधे योग के बराबर होता हैं , जोकि इस प्रकार है
रेसिस्टेन्सेस का सीरीज या पैरेलल कॉम्बिनेशन आपकी आवश्यकता पर निर्भर करता हैं , अतः आप अपने अनुसार इसका उपयोग करे। धन्यवाद

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