Directional Coupler in hindi (डायरेक्शनल कप्लर्स हिंदी में )

Directional Coupler फ्लैग्ड होते हैं, वेवगाइड असेंबलियों में निर्मित होते हैं जो माप उद्देश्यों के लिए माइक्रोवेव की थोड़ी मात्रा का नमूना ले सकते हैं। उन्हें घटना और / या परिलक्षित शक्तियों को मापने के लिए डिज़ाइन किया जा सकता है, SWR (स्टैंडिंग वेव रेश्यो) मान, एक रिसीवर को सिग्नल पथ प्रदान करते हैं या अन्य वांछनीय संचालन करते हैं। वे यूनिडायरेक्शनल (केवल घटना शक्ति को मापने) या द्वि-दिशात्मक (घटना और परिलक्षित दोनों शक्तियों को मापने) कर सकते हैं। अपने सबसे आम रूप में, दिशात्मक युग्मक एक चार मुख्य वेवगाइड जंक्शन है जिसमें एक प्राथमिक मुख्य वेवगाइड और एक माध्यमिक सहायक वेवगाइड शामिल हैं।

Directional Coupler in hindi (डायरेक्शनल कप्लर्स हिंदी में )
Directional Coupler

सामान्य  Directional Coupler एक चार-पोर्ट जंक्शन वाली डिवाइस हैं, जोकि Power  के sampling or taping के लिए बिना मुख्य प्राथमिक वेवगाइड (main primary waveguide) लाइन पावर को परेशान या disturb किए बिना, माध्यमिक सहायक वेवगाइड (secondary auxiliary waveguide) का उपयोग करके शक्ति को प्रवाहित करती हैं। इसलिए कुछ Directional Coupler unidirectional होते है जोकि incident power को मापने के लिए उपयोग होते हैं, जबकि कुछ Directional Coupler bidirectional होते है जोकि incident और reflected power दोनों को मापने के लिए उपयोग होते हैं।

Directional Coupler एक 4-पोर्ट पारस्परिक डिवाइस है। Directional Couplers में दो ट्रांसमिशन लाइनें होती हैं और उनके बीच mechanism होता है को संकेतों की coupling करता है। आइए हम Directional Coupler के  दो शब्दों coupler और Directional के अर्थ को समझते हैं।

Coupler:

एक Coupler एक ऐसा उपकरण है जिसमें दो तरंग होते हैं जो एक दूसरे के बहुत करीब होते हैं जैसा कि नीचे दिए गए चित्र में दिखाया गया है। इस प्रकार, वेवगाइड A में यात्रा करने वाले ऊर्जा के एक हिस्से को वेवगाइड B पर जोड़ा जाएगा। हम ट्रांसमिशन लाइन की एक विशिष्ट लंबाई (L) का उपयोग करके इस कपलर को दिशात्मक या directional बना सकते हैं।

Directional Coupler in hindi (डायरेक्शनल कप्लर्स हिंदी में )

Directional:

Directional शब्द का अर्थ है कि ऊर्जा केवल एक दिशा में pass या प्रवाहित होती है, और कोई भी ऊर्जा रिवर्स दिशा में नहीं गुजरती है। Directional property एक transmission line की एक विशिष्ट लंबाई (L) का उपयोग करके प्राप्त की जाती है, अर्थात, एक चौथाई तरंग दैर्ध्य (λ / 4) के बराबर होती हैं। एक λ / 4 ट्रांसमिशन लाइन एक छोर पर उच्च प्रतिबाधा (high impedance) और दूसरे छोर पर कम प्रतिबाधा (low impedance) प्रदान करती है। इसलिए, विशिष्ट लंबाई (L = λ / 4 या (2n + 1) λ / 4) नीचे दिखाए गए चित्र के अनुसार आवृत्ति के एक निश्चित बैंड पर एक डायरेक्शनल कप्लर्स बनाता है।

Directional Coupler in hindi (डायरेक्शनल कप्लर्स हिंदी में )

Directional Coupler में विद्युत प्रवाह:

 Incident power Port 1 (इनपुट) पर दो अन्य Ports (पोर्ट 4 (coupled) और Port 2 (Output)) के बीच विभाजित हो जाती है, और Port 3 (Isolated) पर कोई power प्रदर्शित नहीं होती है। एक Directional Coupler में विद्युत प्रवाह नीचे चित्र में दिखाया गया है।

Pi or P1 = port 1 पर आने वाली power

Pf or P2 = port 2 पर forward power या output power

Pb or P3 =  isolated port 3 पर reflected power

Pfc or P4 = port 4 पर forward coupled power

एक आदर्श Directional Coupler के गुण निम्नानुसार हैं:

  1. एक आदर्श डायरेक्शनल कप्लर्स में, सभी चार पोर्ट पूरी तरह से मेल खाते हैं और पोर्ट 1,3 और पोर्ट 2, 4 पूरी तरह से अलग होते हैं।
  2. जब Incident Wave Port 1 से Port 2 की ओर यात्रा करती है तो इसका कुछ  भाग Port 4 में जाता है, परन्तु Port 3 पूरी तरह से अलग होता हैं । इसी तरह, पोर्ट 2 से पोर्ट 1 तक यात्रा करने वाली तरंग का एक भाग पोर्ट 3 में जाता है, लेकिन नहीं पोर्ट 4 पूरी तरह से अलग रहता हैं ।
  3. इसी तरह, पोर्ट 4 से पोर्ट 3 की ओर जाने वाली तरंग का भाग पोर्ट 1में जाता है, लेकिन पोर्ट 2 में नहीं। इसी तरह, पोर्ट 3 से पोर्ट 4 तक यात्रा करने वाली तरंग का एक भाग पोर्ट 2 में जाता है, लेकिन पोर्ट 1 में नहीं ।
  4. पोर्ट 1 और पोर्ट 4 के बीच coupling पोर्ट 2 और पोर्ट 3 के बीच होने वाली coupling के समान होती है, और coupling की डिग्री coupler की संरचना पर निर्भर करती है।

पैरामीटर्स जो डायरेक्शनल कप्लर्स  की विशेषता बताते हैं:

Directional Coupler की मुख्यतः 3 विशेषतआए होती हैं
  • Coupling factor (कपलिंग फेक्टर)
  • Directivity (डिरेक्टिविटी)
  • Isolation (आइसोलेशन)

Coupling factor (C)

एक  Directional Coupler (DC) के कपलिंग फेक्टर को Incident Power (Pi) तथा Forwarded Power (Pf) के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है और यह dB में मापा जाता है।

 

Directivity (D):

एक Directional Coupler (DC) की Directivity को dB में व्यक्त किया जाता है तथा इसे  बैक पावर (Pb) को फॉरवर्ड पावर (Pf) के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

Isolation (I):

Isolation को Incident power (Pi) और backward power (Pb) के अनुपात के रूप में परिभाषित किया गया है और इसे dB में व्यक्त किया गया है

एक आदर्श (Ideal) Directional Coupler में, Directivity और Isolation अनंत (∞) होते हैं (P3 = 0), और C 10 db के लगभग होता है।

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