Oscilloscope Probes in Hindi (ऑसिलोस्कोप प्रोब्स क्या है ?)

Oscilloscope Probes in Hindi (ऑसिलोस्कोप प्रोब्स) क्या है ?

Oscilloscope Probes in Hindi: Probe एक कंडक्टर Cable होती है, जिसका उपयोग किसी उपकरण के मापन  अथवा परिक्षण की दौरान  किसी सर्किट के बीच संबंध स्थापित करने के लिए किया जाता है। जब हम किसी सर्किट का परिक्षण या विश्लेषण करते है तो प्रॉब्स, जांच सर्किट अथवा लोड में कोई गड़बड़ी नहीं करती है।

ऑसिलोस्कोप पर जाने वाला कोई भी संकेत पहले Probes से गुजरेगा। इसलिए Probes की बैंडविड्थ CRO की बैंडविड्थ के साथ जुड़ती है। हमेशा Probes की बैंडविड्थ Oscilloscope की बैंडविड्थ से अधिक होनी चाहिए।
Probes की बैंडविड्थ को CRO की Frequency (आवृत्ति) से काम से काम  10 गुना होना चाहिए ।
Probes का Impedance high (उच्च) होना चाहिए। Porbes की  बैंडविड्थ जितनी हो सके अधिक होनी चाहिए। यह Oscilloscope की बैंडविड्थ का लगभग 10 गुना होना चाहिए। Ideal Probes में निम्नलिखित प्रमुख विशेषताएं होनी चाहिए:
  1. कनेक्शन में आसानी
  2. निरपेक्ष संकेत निष्ठा (Absolute signal fidelity)
  3. शून्य सिग्नल सोर्स लोडिंग
  4. पूर्ण शोर उन्मुक्ति (Complete noise immunity)

Oscilloscope Probes का सामान्य चित्र नीचे चित्र में दिखाया गया है।

Oscilloscope Probes in Hindi, ऑसिलोस्कोप प्रोब्स क्या है ?
Oscilloscope Probes (ऑसिलोस्कोप प्रोब्स) क्या है ?

Probe की टिप एक सिग्नल सेंसिंग (sensing ) सर्किट होती है। यह एक निष्क्रिय (passive) या सक्रिय (active) हो सकता है। यदि यह निष्क्रिय है, तो इसमें प्रतिरोधक और संधारित्र होते हैं। यदि यह सक्रिय है, तो इसमें FET स्रोत अनुयायी सर्किट जैसे सक्रिय घटक शामिल हैं।

Probe cable एक विशेष coaxial  प्रकार (जिसमे एक प्रतिरोधक कंडक्टर केंद्र में तथा एक ग्राउंड कंडक्टर रिंग के साथ), काफी अच्छे कवर के साथ होती है । इसका capacitance  एक खुले तार की तुलना में अधिक होता  है, और कुछ मामलों में, ऐसी probes जरुरी होती है।

Types of Oscilloscope Probes (Oscilloscope Probes के प्रकार)

 Probes  कई प्रकार की होती है, कुछ नीचे बताई गई है:
  1. प्रत्यक्ष (Direct) probe
  2. आइसोलेशन (Isolation) Probe
  3. उच्च प्रतिबाधा (High impedance) Probe
  4. सक्रिय (Active) Probes
  5. करंट (Current) Probe
  6. डिफरेंशियल (Differential) Probes

प्रत्यक्ष (Direct) probe

  • ये सबसे सरल प्रकार की Probes होती हैं।
  • ये probes  banana tips अथवा अन्य प्रकार के tips के साथ समाप्त होती है।
  • इन Probes की नोक पर क्रोकोडाइल क्लिप या अन्य प्रकार की क्लिप लगी होती है, जोकि Oscilloscope को परीक्षण सर्किट से जोड़ने का काम करती हैं ।
  • इन Probes में एक shielded co-axial cable का उपयोग किया जाता हैं।
  • इस प्रकार की Probes से इनपुट प्रतिबाधा में कोई सुधार नहीं होता है। इसलिए इन्हे “1X probes” भी कहा जाता है।

आइसोलेशन (Isolation) Probe

  • Oscilloscope का इनपुट capacitance और परीक्षण लीड का stray capacitance बहुत अधिक होता हैं। जब यह संवेदनशील सर्किट से जुड़ता है तो दोलन में तोड़ देता है।
  • इस प्रभाव को एक आइसोलेशन (Isolation) Probe द्वारा रोका जा सकता है।
  • आइसोलेशन (Isolation) Probe को टेस्ट लीड के साथ श्रृंखला (series) में कार्बन अवरोधक लगाकर बनाया जाता है।
  • आइसोलेशन (Isolation) Probe का प्रयोग testing probes को एक अवांछनीय सर्किट लोडिंग प्रभाव से बचने के लिए किया जाता है।

उच्च प्रतिबाधा (High impedance) Probe

  • Oscilloscope Probe को निष्क्रिय वोल्टेज probe के नाम में भी जाना जाता है।
  • इस probe का मूल कार्य इनपुट प्रतिबाधा को बढ़ाना और एक Oscilloscope के प्रभावी इनपुट capacitance  को कम करना है।
  • इस probe  के सिर पर एक समानांतर प्रतिरोध तथा संधारित्र संयोजन का उपयोग करता है।

सक्रिय (Active) Probes

  • सक्रिय (Active) Probes का उपयोग तेजी से बढ़ते तथा उच्च आवृत्ति संकेतों को जोड़ने के लिए किया जाता है।
  • यह probe छोटे सिग्नल के माप के लिए बहुत उपयोगी होती हैं, क्योंकि उनका attenuation factor बहुत कम होता है।
  •  सक्रिय (Active) Probes में एक co -axial  केबल के end पर, FET स्रोत अनुयायी सर्किट और BJT एमिटर अनुयायी सर्किट जैसे एक सक्रिय तत्व होते हैं।
  • FET  स्रोत अनुयायी उच्च इनपुट प्रतिबाधा प्रदान करता है जोकि  लोडिंग प्रभाव को कम करता है।

करंट (Current) Probe

  • यह probe CRO इनपुट को संकेत को युग्मित करने की एक विधि प्रदान करती है।
  •  एक सीधा विद्युत संबंध आवश्यक नहीं होता परीक्षण सर्किट और सीआरओ के बीच।
  • यह Probe बिना किसी भौतिक संपर्क के विद्युत प्रवाह को ले जा रहे एक तार के चारों ओर चढ़ाई जा सकती है। इस प्रकार d.c से 50 MHz तक की आवृत्ति रेंज के साथ करंट की परिमाण को इस जांच का उपयोग करके मापा जा सकता है।
  • करंट सेंसर में दो भाग होते हैं: एक पारंपरिक ट्रांसफार्मर प्रत्यावर्ती धारा को वोल्टेज में बदलने के लिए , और एक हॉल इफेक्ट डिवाइस direct current को वोल्टेज में परिवर्तित करने के लिए ।

डिफरेंशियल (Differential) Probes

  • वे सक्रिय probes  होती हैं।
  • इसके दो इनपुट हैं, सकारात्मक और नकारात्मक।
  • इसमें एक अलग ग्राउंड lead होती है तथा यह अपने आउटपुट को एक Oscilloscope चैनल पर संचारित करने के लिए सिंगल टर्मिनेटेड 50 to केबल चलाता है।

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