PN Junction Diode in Hindi

PN Junction Diode in Hindi (PN जंक्शन डायोड हिंदी में)

PN Junction Diode in Hindi: PN Junction Diode एक सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेन्ट है जो P प्रकार और N प्रकार के पदार्थ को मिलाकर बनाया जाता है
P टाइप भाग में होल्स (Holes) और N टाइप भाग में अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन्स (Electronics) होते है। P टाइप और N टाइप जहा मिलते है उसे संधि बाधा(depletion region) कहते है। डायोड में P टाइप सिरा एनोड तथा N टाइप सिरा कैथोड कहलाता है।

PN Junction Diode in Hindi
डायोड क्या होता है? What is Diode?

 

डायोड की पहचान और चिन्ह Semi conductor Diode Identification and symbol

डायोड आमतौर पर काले बेलनाकार के होते है। इसके दो सिरे होते है इसको सर्किट में अंग्रेजी के बड़े अक्षर D से दर्शाया जाता है। डायोडो को नंबर के अनुसार बाटा जाता है जैसे → 1N4001, 1N4002, 1N4003, 1N4004, 1N4005, BY125, BY127 इत्यादि।

डायोड का चिन्ह

अर्ध चालक के प्रकार (Types of Semiconductor )

Semi-conductor पदार्थ दो तरह के होते हैं।
1. P-Type
2. N-Type

P type -पॉजिटिव आवेश वाले तथा N type नेगेटिव आवेश वाले होते हैं।
इन दोनों को मिलाकर Semi-conductor Component तैयार किये जाते हैं।
Diode एक ऐसा ही Semi-conductor component हैं। P type और N type को मिलाने पर P-N Juction बनता हैं।

 

PN जंक्शन डायोड काम कैसे करता हैं? Working of PN Junction Diode

डायोड दो तरह से काम करता हैं।

1. पहला या तो वह करंट को अपने अंदर से गुजरने देता है, जिसे हम फॉरवर्ड बाइसिंग (Forward Biasing) के नाम से जानते हैं ।
2. दूसरा करंट को अंपने अंदर से होकर जाने से रोकता है, जिसे हम रिवर्स बाइसिंग (Reverse Biasing) के नाम से जानते है।

Forward Biasing –

जब एनोड को पॉजिटिव सप्लाई देते हैं तो करंट एनोड से कैथोड की तरफ बहता हैं। तथा जब कैथोड को नेगेटिव सप्लाई देते हैं, तो करंट कैथोड से एनोड की तरफ बहता हैं। यह प्रक्रिया डायोड की फॉरवर्ड biasing कहलाती हैं।

कहने का मतलब यह हैं ,की डायोड का एनोड सिर सिर्फ पॉजिटिव करंट को ही अंपने अंदर से बहने देता हैं। इसी प्रकार कैथोड़ सिर्फ नेगेटिव करंट को। इस तरह से दिए जाने वाले करंट को डायोड का फॉरवर्ड Biasing कहते हैं।

Forward Baising

Reverse Biasing –

डायोड के एनोड को जब नेगेटिव वोल्टेज देते है तो वह वोल्टेज को रोकता है इसलिए इसको रिवर्स बायसिंग कहते है जब केथोड़ को पॉजिटिव वोल्टेज दिया जाता है तो इस स्थिति में भी वोल्टेज को रोकता है इसलिए यह भी रिवर्स बायसिंग होती है।
OR

जब कैथोड को पॉजिटिव करंट तथा एनोड को नेगेटिव करंट देते हैं। तो इस तरह डायोड रिवर्स बायस में काम करता हैं। रिवर्स बायस में डायोड अपने अंदर से करंट को पास नहीं होने देता हैं।

Reverse Biasing

इसी गुण के कारण डायोड का इस्तेमाल विभिन्न सर्किट में किया जाता हैं।

1. Filtration circuit

2. Rectification circuit

3. Protection circuit

आसान शब्दों में कहे तो → डायोड के नेगेटिव(कैथोड ) पर पॉजिटिव वाल्ट तथा पॉजिटिव(एनोड ) पर नेगेटिव वाल्ट देने पर वह डायोड वोल्टेज को पास नहीं करता है। इसके विपरीत पॉजिटिव पर पॉजिटिव और नेगेटिव पर नेगेटिव वोल्टेज को ही पास करता है।

डायोड के प्रकार -Types of Diode

अलग अलग कार्यो के लिए विभिन्न तरह के डायोड का निर्माण किया जाता उनकी बनावट भी अलग होती है।

  • जीनर डायोड Zener Diode
  • वेरेक्टर डायोड Verector Diode
  • हॉट केरियर डायोड Hot Carrier Diode
  • टनल डायोड Tunnel Diode
  • लाइट एमिटिंग डायोड Light Emitting Diode
  • फोटो सेंसिटिव डायोड Photo Sensitive Diode

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